जेम्स स्पीयर्स ही थामेंगे ब्रिटनी के राइट्स की बागडोर : कोर्ट

ब्रिटनी की आज़ादी के इस केस में पिता पर इलज़ाम था कि पैसे की हवस में उन्होंने ब्रिटनी के कॉपर टी लगवा दीऔर उनके सारे लेन देन पिता की निगरानी में होते हैं। ब्रिटनी की इस मांग को पेट्रियार्की से भी जोड़ा गया। अदालत ने फिर से ब्रिटनी के पिता का पक्ष लिया।

वाशिंगटन: लॉस एंजिल्स की अदालत ने एक बार फिर अमेरिकी पॉप गायिका ब्रिटनी स्पीयर्स के पिता जेम्स स्पीयर्स को उनके संरक्षक पद से हटाने की अपील को खारिज कर दिया। अदालत ने ब्रिटनी स्पीयर्स को फाइनेंस और मैनजमेंट के लिए असमर्थ बताया जबकि ब्रिटनी को नई याचिकाएं प्रस्तुत करने का हक़ बरकरार रखा है।

वैराइटी मैगजीन ने इस पर जानकारी देते हुए अदालती दस्तावेजों के मुताबिक़ कैलिफोर्निया की बेसेमर ट्रस्ट कंपनी को एकमात्र संरक्षक के रूप में नियुक्त करने के तुरंत बाद जेम्स पी स्पीयर्स को गार्जियन के पद से हटाने की मांग को अस्वीकार कर दिया गया है।

ब्रिटनी स्पीयर्स पिछले नवंबर से इस केस के ज़रिये अपने अधिकारों को पाने की बात कर रही थीं। अदालत ने फिर से उसके पिता का पक्ष लिया। पॉप स्टार के रूप में फेमस ब्रिटनी स्पीयर्स इस समय अपनी आज़ादी को लेकर चर्चा में हैं। ब्रिटनी 60 मिलियन डॉलर की मालकिन हैं। 2002 और 2012 में फोर्ब्स की दुनिया की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हस्तियों की सूची में उनका नाम टॉप पर रहा है। 

वोमनाइज़र‘ और ‘बेबी वन मोर‘ जैसे वीडियो से ब्रिटनी 90 के दशक से चाहने वालों के दिलों पर राज करती आ रही हैं। आज उनके वही फैन उनकी आज़ादी की लड़ाई में उनके साथ रहे। इस समय ब्रिटनी अपनी लड़ाई के लिए कोर्ट का सहारा ले रही थीं। ब्रिटनी को गार्जियन की पाबन्दी में रहने से एतराज़ था। मेन्टल प्रॉब्लम के चलते 2008 से ब्रिटनी के अधिकार उनके पिता के पास हैं। अमरीका में इसे कंज़र्वेशनशिप या गार्जियनशिप कहते हैं। इस लड़ाई में #FreeBritney के ज़रिए लाखों फैन उनका सपोर्ट कर रहे थे। 

90 के दशक में युवा दिलों पर राज करने वाली ब्रिटनी की उम्र 39 है और उनका कहना कि वह खुली हवा में सांस लेना चाहती हैं, अपनी ज़िंदगी अपने तरीक़े से जीना चाहती है और इसके लिए ब्रिटनी गार्जियनशिप से आज़ाद होना चाहती थीं। दूसरी और ब्रिटनी के पिता और उनके वकीलों के मुताबिक़ ब्रिटनी की दिमाग़ी हालत ठीक नहीं है, वह ड्रग्स और चाइल्ड ट्रैफिकिंग जैसे अपराधों से जुड़ी हुई हैं और ऐसे में पिता की कस्टडी उनके लिए ज़रूरी है। 

ब्रिटनी की आज़ादी के इस केस में पिता पर इलज़ाम था कि पैसे की हवस में उन्होंने ब्रिटनी के कॉपर टी लगवा दी और उनके सारे लेन देन पिता की निगरानी में होते हैं। ब्रिटनी की इस मांग को पेट्रियार्की से भी जोड़ा गया। 

अपने जीवन में आज़ादी की कमी के बावजूद ब्रिटनी स्पीयर्स ने 10 वर्षों तक लगातार काम किया, उनके कई अल्बम रिलीज़ हुए हैं और टीवी शो “द एक्स फैक्टर” में जज के रूप में उन्होंने भूमिका निभाई है। साल 2013 और 2017 के बीच लास वेगास में अपने “पीस ऑफ मी” रेजीडेंसी के लिए 248 शो किये जिनमे  प्रत्येक प्रदर्शन से 500,000 अमरीकी डॉलर की कमाई हुई। 

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