मैं हारी नहीं, हराई गई हूं

प्री-क्वार्टर फाइनल में मैरी कॉम का ओलंपिक सफर खत्म हुआ तो आंख से छलके आंसू

टोक्यो ओलंपिक में मुक्केबाजी का प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबला चल रहा था। भारत की स्टार बॉक्सर एमसी मैरी कॉम कोलंबिया की इनग्रिट वैलेंसिया पर खेल के हर क्षेत्र में भारी पड़ रही थीं। मैरी कॉम के जबर्दस्त पंच को देखकर पूरा देश उछल रहा था। मैरी कॉम के साथ पूरे देश को खेल का परिणाम साफ नजर आ रहा था। लेकिन, खेल खत्म होने की व्हिसल बजी तो सब उलट गया। मैरी कॉम हार गईं। इसी के साथ इंडियन बॉक्सर मैरी कॉम का ओलंपिक का सफर खत्म हो गया।

लेकिन, खेल खत्म होने के साथ ही ये आवाज उठने लगी कि मैरी कॉम हारी नही हैं, हराई गई हैं। प्री-क्वार्टर मुकाबला शुरू होने से एक मिनट पहले से लेकर रिजल्ट घोषित करने तक जिन साजिशों का शिकार उन्हें बनाया गया, उसका खुलासा खुद मैरी कॉम ने किया। ओलंपिक मुक्केबाजी के प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले से बाहर होते ही उनकी आंख से जो आंसू छलका, उसने बाक्सिंग के असली खेल को उजागर कर दिया।

आप भी जान लें कि टोक्यो में रहते हुए मैरी कॉम ने अपने साथ हुई साजिश का किस तरह खुलासा किया है। उन्होंने साजिश के आरोप वाले ट्वीट से प्रधानमंत्री, खेल मंत्री और पूर्व खेलमंत्री को टैग किया है। अपने ट्वीट में मैरी कॉम कहती हैं, ‘आश्चर्यजनक… क्या कोई समझा सकता है कि रिंग ड्रेस कैसी होगी। लेकिन मुझसे ओलंपिक प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबला शुरू होने से एक मिनट पहले रिंग ड्रेस बदलने को कहा गया। कोई समझाएगा क्यों?‘ मैरी कॉम ने अपने इस ट्वीट को ओलंपिक कमेटी के दो ट्वीटर अकाउंट से साझा किया है। पूर्व खेल मंत्री किरन रिजजू ने भी कहा है कि स्पष्ट तौर पर मैरी कॉम ही विजेता थीं। उन्होंने मैरी कॉम का हौसला भी बढ़ाया है। 

सवाल तो निर्णय पर भी उठा है

मैरी कॉम ने ओलंपिक जैसे सबसे बड़े खेल इंवेंट में बाक्सिंग स्पर्धा के फैसले करने के तरीके पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि जिस लड़की को वह पहले दो बार हरा चुकी हैं, उसे ओलंपिक में हार गई हूं, इस पर भरोसा नहीं हो रहा। बता दें कि मैरी कॉम ये मुकाबला 2-3 के स्कोर से इनग्रिट से हार गईं।

कोच ने क्यों कहा कि तुम जीत गईं

मैरी कॉम ने प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले के बाद के हालात भी एक न्यूज चैनल को बयां किए हैं। उन्होंने कहा कि मुकाबले के बाद जब वह डोपिंग सेंटर की ओर जा रही थीं, तब उनके कोच ने कहा कि वह अच्छा खेली हैं और उन्हें ही विजेता होना चाहिए। लेकिन, जब वह सोशल मीडिया पर गईं तब उन्हें पता चला कि फैसला उनके उलट है। उन्होंने भावनाओं पर कंट्रोल रखा और अंत में बोलीं, कहां विरोध दर्ज कराऊं।

निर्णय से नाखुश, विजेता से नहीं

मैरी कॉम नाराज हैं। साफ कहती हैं कि साजिश हुई है। निर्णय पर सवाल उठा रही हैं। लेकिन, वह सच्ची खिलाड़ी हैं। रिंग में जब रेफरी ने इनग्रिट वैलेंसिया को विजेता घोषित किया तो मैरी कॉम ने उसे हंसते हुए बधाई दी। रिंग से बाहर भी बहुत खुशी के साथ आईं।

मैरीकॉम के खाते में उपलब्धियां भरी पड़ी हैं

भारतीय मुक्केबाजी का सबसे चमकता हुआ सितारा हैं मैरी कॉम। महज 38 साल की उम्र में ओलंपिक का ब्रांज मेडल, आठ बार वर्ल्ड चैंपियनशिप का खिताब, कई बार की नेशनल चैंपियन, अर्जुन अवार्ड और राजीव गांधी खेल रत्न अवार्ड उनके खाते में है। भारत सरकार उन्हें पद्म भूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित कर चुकी है। उनके जीवन संघर्ष और सफलता की कहानी पर फिल्म भी बन चुकी है जिसमें प्रियंका चोपड़ा ने मैरी कॉम की भूमिका अदा की है।

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