भारत में स्टारलिंक की सर्विस शुरू होने में थोड़ा समय और लग सकता है। दरअसल सुरक्षा एजेंसियों ने स्टारलिंक को लेकर चिंताओं की लंबी लिस्ट रख दी है। इसमें सबसे बड़ा पेंच सिग्नल्स और डेटा की ट्रैकिंग को लेकर फंसा है। रिपोर्ट्स के अनुसार सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि भारतीयों का डेटा बहुत आसानी से सीधे विदेशी सैटेलाइट्स को भेजा जा सकता है। इससे पहले ही पड़ोसी मुल्कों में स्टारलिंक की सर्विस शुरू होने की वजह से भारत में अवैध सिग्नल्स और उपकरणों की तस्करी एजेंसियों के कान खड़े कर चुकी है।
यूक्रेन और ईरान की घटनाओं के बाद एजेंसियों ने साफ किया है कि भारत किसी भी सूरत में इंटरनेट पर विदेशी कंट्रोल को लेकर ढिलाई नहीं बरतने वाला है। Read More